लगातार ठंड का कहर जारी, नहीं जले अलाव, कोहरे की चादर से ढका इलाका

लगातार ठंड का कहर जारी, नहीं जले अलाव, कोहरे की चादर से ढका इलाका

अचानक सर्द हवाओं के साथ मौसम ने रूख बदलते हुए अपना कहर शुरू कर दिया है। शीतलहर की वजह से शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में गलन काफी बढ़ गई है। आम लोग मंगलवार दिन में भी कांपते नजर आए। इसके बावजूद जिला प्रशासन द्वारा अलाव की कोई व्यवस्था नहीं की गई। वहीं कस्बे में व चौराहों पर लोग आग तापकर बचाव करते देखे जा रहे हैं। गलन में अलाव जलाने की सरकारी व्यवस्था ग खुदसे ही सुखी लकड़ियों, गत्ते आदि जलाकर ठंड भगाने की कोशिश कर रहे हैं। बढ़ी ठंड, अलाव जलाने के लिए अफसरों की नहीं खुली नींद। भीषण ठंड आ जाने के बावजूद अभी तक सरकारी अमला पहल तक नहीं कर पाया है।

कहीं अलाव जलाने की व्यवस्था तक नहीं की गई है। जबकि निराश्रित और गरीब व्यक्ति ठंड में रहने को मजबूर हैं। अभी तक अलाव की व्यवस्था न होने के कारण आम जन मानस में शासन प्रशासन के खिलाफ आक्रोश व्याप्त है। क्षेत्र में लोग कार्टून के टुकड़े और चंदे का पैसा इकट्ठा कर लकड़ी खरीदकर अलाव जलाने को विवश हैं। अलाव न जलने से लोग घरों में रहना बेहतर समझ रहे हैं।

मंगलवार को गलन ज्यादा होने से लोग केवल कामकाज के लिए लोग ठंड की वजह से घरों में ही कैद रहे। बढ़ती ठंड को देखते हुए नागरिकों ने की मांग ठंड के बढ़ते ही ग्रामीण क्षेत्र के प्रमुख चौराहों एवं स्थानों पर अलाव जलाने एवं जरूरतमंदों में कंबल वितरण की मांग बढ़ गई है। ठंड से ठिठुरते लोग इसके बचाव के लिए चाय की भट्टी के पास सिमटे दिखाई पड रहे है। या इधर उधर पड़ी लकड़ी ,टायर व कागज को जला कर सर्दी से निजात पाने का जुगाड़ कर रहे है। परन्तु प्रशासन के द्वारा अभी तक अलाव जलाने की व्यवस्था नहीं की गई है।

कोहरे की चादर पड़ने से आमजनमानस पर पड़रहा प्रभाव बताया जाता है कि ठंड का कहर जारी है इसी के साथ कोहरे ने भी दस्तक दे दी है जिससे कि गलन बढ़ने व कोहरा पड़ने से बाजारों में शाम को जल्दी ही सन्नाटा पसर जाता है। बताया जाता है कि बढ़ते हुए कोहरे के कारण दुर्घटना की बढ़ने की आशंका है। लोगों ने सड़क पर चलने वाले राहगीरों को संदेश दिया है कि सड़क पर चलने वाले लोग सावधान होकर ही यात्रा करें जिससे कि जीवन भी सुरक्षित रहे।